रेटिंग: 3.5 स्टार्स
सिनेमा जगत में इन दिनों सच्ची घटनाओं से प्रेरित फ़िल्में बनाई जा रही है. इस हफ्ते रिलीज हुई फिल्म 'कलिका" समाज के एक जरूरी मुद्दे मानसिक शोषण पर आधारित है. लेखिका, डायरेक्टर और अभिनेत्री रौशनी श्रीवास्तव की ये कोशिश सराहनीय है.
कहानी में है दम
पिक्चर की स्टोरी एक लड़की कलिका (रौशनी श्रीवास्तव) के बारे में है जो मुम्बई अभिनेत्री बनने आई है. वह स्ट्रगल करती है, प्रोड्यूसर की खोज मे रहती है. उसका करीबी दोस्त अथर्व (सार कश्यप) भी संघर्ष कर रहा ऐक्टर है. इसी बीच कलिका अपने एक पुराने दोस्त राम (राजा गुरु) के टच मे आती है जो अब दिल्ली मे एक बड़ा कारोबारी है. वह कलिका की फिल्म प्रोड्यूस करने को राजी हो जाता है और वह धीरे धीरे कई लाख रूपए कलिका को भेजता है. मगर उसे इसके बदले कलिका का साथ चाहिए, लेकिन कलिका किसी बंधन में बंधने को राजी नहीं है. वह रिलेशनशिप स्वीकार करने से मना करती है तो राम बन जाता है रावण और उसका मानसिक शोषण करना शुरू करता है. कलिका परेशान हो जाती है. इस हालत से निकलने के लिए वह क्या कदम उठाती है उसके लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.
कंटेंट इज़ किंग
फिल्म "कलिका" का प्लॉट बहुत ही महत्वपूर्ण है. फिल्म ये दर्शाती है कि महिलाओं का मानसिक शोषण कितना खतरनाक हो सकता है. आज के माहौल में इस मुद्दा को लेकर जागरूक होना बहुत आवश्यक है।
कमाल डायरेक्शन
फिल्म "Kalika" मे रौशनी श्रीवास्तव ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात को काफी बेबाकी से दर्शाया है. अपने निर्देशन में ऐक्टिंग करना चुनौती भरा काम रहता है लेकिन उन्होंने बेहतर नतीजा दिया है. बाकी कलाकारों से भी अच्छा काम करवाया है.
कैसी है ऐक्टिंग
जहां तक ऐक्टिंग का सवाल है फिल्म कलिका मे प्रमुख कलाकारों रौशनी श्रीवास्तव, राजा गुरु, सार कश्यप ने यादगार ऐक्टिंग की है. रौशनी श्रीवास्तव को Kalika के रोल में कई तरह के इमोशंस जाहिर करने का चांस मिला है जिसे उन्होंने नेचुरल ढंग से प्रस्तुत किया है. राम के रोल में राजा गुरु ने भी प्रभाव छोड़ा है. ग्रे शेड वाले अवतार में उन्होंने गहरी छाप छोड़ी है. अथर्व के किरदार में सार कश्यप भी सफल रहे है.
BGM
इस ऑफ बीट फिल्म में गाने या आइटम नंबर नहीं हैं ताकि कहानी अपने मुद्दे से न भटके. लेकिन इसका BGM बैकग्राउंड म्युज़िक असरदार है. देखा जाए तो फिल्म टेक्निकल पहलुओं में बहुत धारदार है.
क्यों देखें
फिल्म Kalika सभी को देखनी चाहिए खासकर महिलाओ, लड़कियों, पैरेंट्स और टीनएज युवतियों को तो जरूर देखना चाहिए. Mental Abuse जैसे सामाजिक अभिशाप से कैसे निकलना है, महिलाएं कैसे इसके विरुद्ध अपनी आवाज उठा सकती हैं वो सभी बातेँ इसमे पेश की गई हैं. तो मिस न करें और पहली फुर्सत में देख लें.