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स्ट्रीट एनिमल की रक्षा के लिए "पशुजीवा द सोलफूल लव फाउंडेशन" की ओर से मुंबई में साइलेंट प्रोटेस्ट मार्च, सैकड़ों पशु प्रेमियों की उमड़ी भीड़

मुम्बई. 29 नवंबर 2025. बेजुबान जानवरों की देखभाल और सेवा के लिए समर्पित संस्था "पशुजीवा द सोलफूल लव फाउंडेशन" की संस्थापक और समाजसेविका सुचिस्मिता घोष ने मुम्बई के अंधेरी में स्ट्रीट एनिमल की रक्षा के लिए साइलेंट शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट मार्च का आयोजन किया. वरसोवा सोशल से लेकर यारी रोड तक ये रैली निकाली गई जिसमें सैकड़ों पशु प्रेमियों की भीड़ देखी गई. वह हाथो मे बहुत से पोस्टर्स लिए हुए थे जिनपर रास्ते के जानवरों की रक्षा करने की बात लिखी गई थी. इस कार्यक्रम में बहुत सी संस्थाओं ने पशुजीवा द सोलफूल लव फाउंडेशन" को अपना सहयोग दिया है. उन सभी संस्थाओं को  इस मे शामिल होने के लिए पशुजीवा ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और उन्हें धन्यवाद कहा. 
 
पशुजीवा द सोलफूल लव फाउंडेशन" की संस्थापक सुचिस्मिता घोष ने मुम्बई पुलिस का भी दिल से आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस प्रोग्राम के शांतिपूर्ण आयोजन में अपना सहयोग दिया, सड़क पर सुरक्षा प्रदान की.
 
पशुजीवा द सोलफूल लव फाउंडेशन" की संस्थापक सुचिस्मिता घोष ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमारी संस्था की ओर से ये खामोश शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट मार्च था. हाल ही में आवारा कुत्तों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि सार्वजनिक स्थलों से आवारा कुत्ते हटाए जाएं और उन्हें डॉग शेल्टर होम में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है. जिन बच्चों (डॉग कैट) को हमने बचपन से पाला है, जिन्होंने अंधेरे में हमारी रक्षा की जिन्हें हमने वैक्सीन लगवाई अब लोग डॉग्स को रास्ते पर देखना नहीं चाहते. डॉग्स, बिल्ली, बन्दर इत्यादि को कहीं भी ले जाकर छोड़ा जा रहा है इससे प्राकृतिक असंतुलन हो रहा है और ये मानव जाति के लिए नुकसानदायक है. सरकार एबीसी (एनिमल बर्थ कन्ट्रोल) ABC - Animal Birth Control प्रोग्राम चलाए मगर ऐसे बेदर्दी से रास्तों पर से एनीमल को न उठाया जाए. ये सरकार से हम सभी फीडर और पशु प्रेमियों की गुहार है. हम एनीमल लवर्स आवारा जानवरों को रेस्क्यू करते हैं, उन्हें खाना खिलाते है, उनकी नसबंदी करवाते हैं उनका टीकाकरण करते हैं. हम ये सब करके सरकार की मदद कर रहे हैं उनका काम आसान बना रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट और सरकार से हमारा निवेदन है कि अपने आदेश में संशोधन करे और इन बेजुबान जानवरों के हित के बारे में कुछ सोचे."
 
पशु प्रेमी सुचिस्मिता घोष ने अत्याचार के शिकार, बीमार और लाचार जानवरों की सेवा देखभाल के लिए मुंबई मे एक विशेष सेंटर स्थापित किया है जहां कई लोग दिनरात बेजुबान जानवरों की देखभाल मे लगे हुए हैं. इस संस्था को 3 साल होने को आ गए हैं. 
 
सुचिस्मिता घोष काफी समय से रास्ते के कुत्ते बिल्ली को खाना खिलाती आ रही हैं. फिर उन्होंने मुंबई के मालाड में एक फोस्टर सेंटर खोला है. उनकी टीम सडकों से बीमार या दुर्घटनाग्रस्त हुए बेजुबान जानवरों को रेस्क्यू करती है, उनका इलाज करवाती है. उनकी नसबंदी की जाती हैं, वैक्सीन दी जाती है. जानवरों के प्रति क्रूरता को खत्म करने की दिशा मे उनका प्रयास जारी है. उनका मानना है कि बेजुबान जानवरों को टॉर्चर करना हमारी सभ्यता के भी खिलाफ है क्योंकि भारत में तो पशुओं पक्षियों की पूजा की जाती है.
 
सुचिस्मिता घोष ने यही विनती की है कि स्ट्रीट के जानवरों को परेशान न किया जाए, उन्हें भी दर्द होता है. सुप्रीम कोर्ट इस मामले मे बेजुबान जानवरों पर दया दृष्टि डाले.
 


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