मुंबई, 27 मार्च 2026: राज्य की दीर्घकालिक स्वास्थ्य दृष्टि पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में एकीकृत स्वास्थ्य सेवा और रिकवरी के क्षेत्र में वैश्विक गंतव्य बनने की अपार क्षमता है। वर्ष 2047 के विज़न की ओर बढ़ते हुए, स्वास्थ्य क्षेत्र को केवल सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में नहीं, बल्कि नवाचार, निवेश और आर्थिक विकास के प्रमुख प्रेरक के रूप में भी स्थापित किया जा रहा है। PULSE 2026 जैसे मंच उत्कृष्टता केंद्रों को बढ़ावा देने, क्लिनिकल रिसर्च को मजबूत करने, उद्योग और अकादमिक सहयोग को प्रोत्साहित करने तथा वैश्विक साझेदारियों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आज मुंबई में भारत के अग्रणी हेल्थकेयर और मेडिकल एजुकेशन समिट PULSE 2026 के उद्घाटन के बाद संबोधित कर रहे थे।
राज्य में समावेशी, तकनीक-आधारित और भविष्य के लिए तैयार स्वास्थ्य व्यवस्था के निर्माण पर जोर देते हुए उन्होंने महाराष्ट्र की सक्रिय नीतिगत पहल का उल्लेख किया। “आज हम केवल एक सम्मेलन का उद्घाटन नहीं कर रहे हैं, बल्कि आने वाले दशक में महाराष्ट्र की स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा तय कर रहे हैं,” श्री फडणवीस ने कहा। यह दो दिवसीय सम्मेलन देश और दुनिया भर के नीति-निर्माताओं, स्वास्थ्य क्षेत्र के नेताओं, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों को एक साथ ला रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि हर नागरिक को उसके घर से 5 से 8 किलोमीटर के दायरे में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। “महाराष्ट्र स्वास्थ्य सेवा के भविष्य का इंतजार नहीं करेगा, बल्कि नवाचार, साझेदारी और ठोस कदमों के माध्यम से हम इसे मिलकर बनाएंगे,” उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिक्षा को सशक्त बनाने, पोस्टग्रेजुएट सीटों का विस्तार करने, स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को शामिल करने और उपचार की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए तीन-स्तरीय कैंसर केयर मॉडल विकसित करने पर भी जोर दिया। साथ ही उन्होंने चिकित्सा नवाचार, अनुसंधान और वेलनेस टूरिज्म के क्षेत्र में महाराष्ट्र को वैश्विक केंद्र बनाने की महत्वाकांक्षा व्यक्त की।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने सहयोगात्मक और भविष्य उन्मुख स्वास्थ्य व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, “PULSE 2026 केवल एक सम्मेलन नहीं है, बल्कि भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नवाचार, डिजिटल हेल्थ और वैश्विक सहयोग के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों सहित हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास करता है।”
चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा, “महाराष्ट्र चिकित्सा शिक्षा के विस्तार, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और तकनीक के समावेश के माध्यम से एक भविष्य-तैयार स्वास्थ्य प्रणाली का निर्माण कर रहा है, जिससे हर नागरिक को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकें।”
राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने कहा, “मजबूत बुनियादी ढांचे, नीतिगत समर्थन और बहु-हितधारक सहयोग के माध्यम से एक समग्र स्वास्थ्य व्यवस्था का निर्माण हमारा लक्ष्य है। साथ ही, महाराष्ट्र को मेडिकल टूरिज्म और नवाचार का अग्रणी केंद्र बनाने पर भी हमारा फोकस है।” उन्होंने आगे कहा कि आयुष से जुड़े वेलनेस केंद्रों की उपलब्धता के कारण राज्य को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
भारती विद्यापीठ के प्र-उपकुलपति विश्वजीत कदम ने कहा, “शैक्षणिक संस्थानों को ऐसी संस्कृति विकसित करनी चाहिए जहां अनुसंधान और नवाचार का वास्तविक जीवन पर प्रभाव पड़े। PULSE 2026 अकादमिक, उद्योग और नीति क्षेत्र को एक साथ लाने का एक सशक्त मंच है।”
इस सम्मेलन में डिजिटल हेल्थ और AI, क्लिनिकल इनोवेशन और शिक्षा के भविष्य जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए हैं, जिनमें समुदाय आधारित स्वास्थ्य मॉडल, वर्चुअल हॉस्पिटल, AI आधारित शिक्षण प्रणाली और नई स्वास्थ्य सेवा संरचनाओं पर चर्चा होगी। इसके अलावा, निवारक और पारंपरिक चिकित्सा, दीर्घकालिक बीमारियों के प्रबंधन और रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के विकास पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
दूसरे दिन का फोकस हेल्थ सिस्टम्स और वर्कफोर्स ट्रांसफॉर्मेशन पर रहेगा, जिसमें मजबूत और लचीली स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण के लिए रणनीतियों पर चर्चा होगी। साथ ही स्टार्टअप्स, नीति, प्रशासन और चिकित्सा नैतिकता से जुड़े विषयों को भी शामिल किया जाएगा। मेडिकल डेटा संप्रभुता, राष्ट्रीय नियामक दृष्टि और भारतीय स्वास्थ्य नवाचारों की वैश्विक क्षमता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा।
इस शिखर सम्मेलन में महत्वपूर्ण नीतिगत चर्चाएं, रणनीतिक साझेदारियां और विभिन्न क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान होगा। वैश्विक सहभागिता के साथ PULSE 2026 का उद्देश्य ठोस परिणामों को आकार देना और महाराष्ट्र को भारत तथा विश्व में स्वास्थ्य परिवर्तन के अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना है।